ANTIVIRUS क्या होता है? एंटीवायरस के प्रकार कितने है 2022 में जाने

लेखक:गुड्डू राय

ANTIVIRUS क्या होता है? यदि आप इंटरनेट अथवा कंप्यूटर में या फिर लैपटॉप में ऑनलाइन किसी भी प्रकार का कार्य करते हैं तो आपको पता होगा की आपके डिवाइस में इंटरनेट की सुविधा के साथ-साथ वायरस अथवा एंटीवायरस का कितना बड़ा और रोल होता है|

ANTIVIRUS क्या होता है? यदि आप नहीं जानते है तो आज के इस पोस्ट के अंत तक आपको पता चल जाएगा कि ANTIVIRUS क्या होता है? एंटीवायरस के प्रकार कितने है?

आज हम इस पोस्ट में ANTIVIRUS क्या होता है? इसके साथ-साथ एंटीवायरस के प्रकार कितने है 2022 में जाने से जूरी जानकारी आपसे साझा करेंगे ताकि आपको किसी दूसरे आर्टिकल में जाने की जरूरत ना हो|

VIRUS क्या होता है?

दोस्तों इलाज के बारे में बात करने से पहले हम आपको बीमारी के बारे में बताना चाहते हैं बहुत से हमारे ऐसे दोस्त हैं जिन्हें पता ही नहीं है कि वायरस क्या होता है? दोस्तों वायरस एक ऐसा मेल-वेयर होता है, जिसके जरिए आप अपने कंप्यूटर को सुरक्षित नहीं रख सकते हैं हम अपने डेस्कटॉप अथवा लैपटॉप में कई तरह के जरूरी फोटोस,इमेज तथा फाइलों को रखते हैं ताकि हमारे पास हमेशा के लिए सुरक्षित रहे वायरस इसे खत्म करने का काम करते हैं|

यूं समझिए यदि आप के कंप्यूटर में किसी प्रकार के वायरस का अटैक हुआ है तो आपका सारा डाटा करप्ट या नष्ट हो जाता है,और आपको पता भी नहीं चलता कभी-कभी तो बड़ी-बड़ी कंपनियों को क्षति पहुंचाने के लिए कई सारे ऐसे लोग हैं जो वायरस का इजाद यानी निर्माण करते हैं, ताकि कम्पनी को हनी पहुचा सके एवं उसका तोर बता कर मन मानी रकम उनसे ले सके|

ANTIVIRUS क्या होता है?

जिस प्रकार हमें किसी प्रकार की बीमारी हो जाती है, तो हम दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं ठीक उसी प्रकार वायरस का एंटी डोज एंटीवायरस का प्रयोग हमें अपने कंप्यूटर अथवा डेक्सटॉप के लिए करना होता है यह वायरस के लिए ऐसी दवा होती हैं जिन्हें चुन-चुन कर वाइरस को नष्ट कर दिया जाता है|

Antivirus हमारे कंप्यूटर में जितने भी प्रकार के वायरस होते हैं सभी प्रकार को नष्ट करते हैं ताकि हमारे फाइल्स वीडियोस फोटोस सभी पूरी तरह से सुरक्षित रह सके|

ANTIVIRUS क्या होता है? और कैसे कार्य करता है

यह एक प्रकार का प्रोग्राम है जिसमें एंटीवायरस बनाने वाले कंपनी विभिन्न प्रकार के वायरस के बारे में जानकारी पहले से ही डाल दी जाती है, एवं जब भी हम अपने सिस्टम को स्कैन करने के लिए एंटीवायरस को एक्टिव करते हैं तो एंटीवायरस हमारे सिस्टम को स्कैन करता है एवं जब भी उन्हें एंटीवायरस के प्रोग्राम में दिए गए वायरस के signature का पता चलता है तो एंटीवायरस तुरंत उन्हें डिटेक्ट कर लेता है एवं उन्हें नष्ट करने के लिए काम करने लगता है|

यदि किसी एंटीवायरस में वायरस डिटेक्शन फाइल ना हो तो वह एंटीवायरस किसी काम का नहीं होता है, क्योंकि वायरस को वह पहचान नहीं पाएगा अतः इसीलिए जितने भी वायरस हमारे सॉफ्टवेयर अथवा हमारे सिस्टम में उपलब्ध रहते हैं उन सभी की जानकारी एंटीवायरस बनाने वाले कंपनी को पहले से ही मालूम रहती है एवं एंटीवायरस बनाते समय उस वायरस की डिटेक्शन फाइल एंटीवायरस के रूप में डाल दी जाती है ताकि यदि किसी सिस्टम में इस प्रकार के वायरस का डिटेक्शन हुआ तो उन्हें नष्ट करने की ताकत एंटीवायरस के पास हो, और वह धीरे-धीरे उन वाइरस को नष्ट कर देती है|

अतः हमें अपने एंटीवायरस को हमेशा नए वर्जन के लिए अपडेटेड करके रखना जरूरी होता है ताकि वायरस को डिटेक्ट करने में एंटीवायरस को मदद मिल सके|

ANTIVIRUS क्या होता है? उसकी खोज किसने की थी:

एंटीवायरस की दुनिया में हमेशा से नए-नए लोग आते रहे हैं परंतु सबसे पहला एंटीवायरस रे-Tamilson ने 1971 में क्रीपर वायरस के लिए बनाया था| इस एंटीवायरस का नाम दरी पर था बाद में कई अनेक प्रकार के वायरस आते गए हम 1987 में एक वायरस आया था जिसका नाम विएना था एवं इससे निजात पाने के लिए जर्मनी के कंप्यूटर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ब्रांड रॉबर्ट ने एंटीवायरस बनाया था

वायरस का पता एंटीवायरस किन-किन तरीकों से करता है

यूं तो जब भी एंटीवायरस बनाया जाता है तब उसी समय उसके भीतर कई प्रकार के वायरस के गुण डाल दिए जाते हैं ताकि जब भी किसी सिस्टम को एंटीवायरस स्कैन करें तो उस सिस्टम के अंदर उस प्रकार के वायरस के गुण है या नहीं एंटीवायरस को पहले से ही पता चल जाता है, लेकिन फिर भी हम कुछ तरीके को आपसे साझा कर रहे हैं ताकि आप आसानी से समझ सके:

Signature-based virus detection

यह स्कैन करने का सबसे पुराना तरीका है जब भी हम एंटीवायरस को एक्टिव करते हैं तब एंटीवायरस डॉट-ई, एक्स-ई नामक सभी फाइल को स्कैन कर लेता है एवं जब भी कोई अननोन फाइल उनके सामने आता है तो वह उन फाइलों को अलग तरीके से मैनेज करते हैं| एवं कई तरह के एप्लीकेशन को पहले स्क्रीन किया जाता है फिर उन्हें इंस्टॉल किया जाता है| इस प्रकार वायरस को डिटेक्ट किया जाता है SIGNATURE BASED

Behavioural based detection of virus

इस प्रकार के कंडीशन में जब भी किसी प्रकार का virus किसी फाइल को करप्ट करने की कोशिश करता है, तो एंटीवायरस को पता चल जाता है कि किसी प्रकार का अननोन एक्टिविटी इस फाइल के साथ छेड़छाड़ कर रहा है एवं एंटीवायरस उन्हें डिटेक्ट कर खत्म कर देते हैं|

Send box detection के द्वारा वायरस का पता लगाना

यह भी बिहेवियरल टेक्निक के समान मिलता-जुलता रूप होता है जिसमें एक प्रकार का संदिग्ध कोड पूरे सिस्टम में चलाया जाता है, जिससे यह पता चल जाता है कि वायरस कितना हद तक किस फाइल को नुकसान कर सकता है अतः वायरस को नष्ट करके हमारे डाटा को सेफ रख दिया जाता है|

एंटीवायरस कितने प्रकार से हमारे सिस्टम को अपडेट करते हैं

शायद यह जानकारी प्राय सभी लोगों को होंगी कि एंटीवायरस कितने प्रकार द्वारा हमारे सिस्टम को अपडेट करते हैं यूं तो कई और भी प्रकार हो सकते हैं लेकिन मुख्य रूप से दो प्रकार से एंटीवायरस हमारे सिस्टम को अपडेट करते हैं जो निचे आपसे साझा किया गया है:

Background scanning के द्वारा 

जब भी हम अपने ब्राउज़र से इंटरनेट को एक्सेस करते हैं एवं अपने कार्यों को कर रहे होते हैं तब धीरे से एंटीवायरस बैकग्राउंड में सभी तरह के स्कैनिंग कर रहा होता है जो कि हमें पता नहीं होता है जबकि यह scanning पूरी कंप्लीट हो जाती हैं तब एक पॉपअप के द्वारा हमें नोटिफिकेशन दे दिया जाता है कि आपका सिस्टम स्कैन हो चुका है और सिक्योर है|

फुल सिस्टम स्कैनिंग के द्वारा

जब भी हमें टाइम मिलती है हम अपने system को पूरे दिन में कम से कम एक बार स्कैन जरूर करते हैं जब भी हमें किसी प्रकार की दिक्कत सिस्टम में दिखाती हैं हम तुरंत फुल सिस्टम स्कैनिंग के द्वारा सिस्टम को स्कैन खुद मैनुअली कर लेते हैं|

एंटीवायरस कितने के प्रकार है

ANTIVIRUS क्या होता है? में आपको एंटीवायरस के प्रकार कितने है 2022 में, यह मुख्य रूप से तीन कैटेगरी में बांटा गया है जो हम आपसे साझा कर रहे हैं ताकि आप समझ पाए की तीनों कैटेगरी की क्या-क्या लिमिटेशंस होते हैं|

स्टैंडअलोन antivirus

यू कहे तो या एक बेसिक्स ऑफ एंटीवायरस होता है जिसमें कुछ लिमिटेशंस होती है या एंटीवायरस सॉफ्टवेयर हम यूएसबी के द्वारा भी इंस्टॉल कर सकते हैं इसका प्रयोग हम इमरजेंसी scanned करने के लिए करते हैं

Security suites antivirus

इस प्रकार के एंटीवायरस standalone से थोड़ा ज्यादा एडवांस रहते हैं इनके फीचर भी कुछ ज्यादा पाए जाते हैं यह वायरस को हटाने के अलावा भी कई तरह के हानिकारक सॉफ्टवेयर से सिस्टम का बचाव कर सकते हैं अभी 24 घंटे सिस्टम को protect कर सकते हैं

Cloud-based antivirus

इस प्रकार के एंटीवायरस सबसे नई टेक्निक के साथ आती है जो कंप्यूटरों को ऑनलाइन वायरस प्रोटक्शन के साथ-साथ ऑफलाइन भी प्रोटेक्ट करते हैं साथ ही यह आपको समय-समय पर इनफॉरमेशन देता रहता है कि किस फाइल को हटाने से आपका सिस्टम काफी तेजी से कार्य कर सकेगा यह कई नई तकनीक के साथ आती है जो हमारे इस पूरे सिस्टम को बचाए रखते हैं

ANTIVIRUS क्या होता है? से जुरे कुछ अंतिम शब्द:

तो यह थी हमारी पोस्ट जिसमे हमने ANTIVIRUS क्या होता है? एंटीवायरस के प्रकार कितने है 2022 में जाने से जूरी हर जानकारी अपने पाठको के साथ साझा करने की कोसिस की है,ताकि हमारे पाठको को किसी दुसरे आर्टिकल में जाने की जरुरत न हो|
 

अगर आपको हमारे पोस्ट अच्छा लगा तो कृपया इसे फेसबुक इंस्टाग्राम टि्वटर लिंकडइन व्हाट्सएप में शेयर जरूर करें एवं अगर आप किसी प्रकार का सुझाव हमें देना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट जरुर करें

यदि आप hindimetrnd.in के साथ जुड़ना चाहते हैं तो कृपया हमारे फेसबुक पेज को लाइक करना ना भूलें hindimetrnd/facebookpage

धन्यवाद

Leave a Comment

ANTIVIRUS क्या होता है? एंटीवायरस के प्रकार कितने है 2022 में जाने
ANTIVIRUS क्या होता है? एंटीवायरस के प्रकार कितने है 2022 में जाने