WHO IS UDAPI RAMACHNADRAN RAO? FOR HIM GOOGLE TRIBUTE ON 10 MARCH/कौन है उदापी रामचंद्रन राव जिसके google ने doodle से ट्रिब्यूट दिया?

लेखक: गुड्डू राय

कौन है  उदापी रामचंद्रन राव जिसके google ने doodle से ट्रिब्यूट दिया?(WHO IS UDAPI RAMACHNADRAN RAO? FOR HIM GOOGLE TRIBUTE ON 10 MARCH)

भारत में बहुत से ऐसे महापुरुषों ने जन्म लिए है जिनके बारे में जितना कहे कम  है| हम अपने देश में Science Day भी वज्ञानिक के नाम पर मानते है| भारत के वेज्ञानिको में बहुत सारे ऐसे बैज्ञानिक है जीनके बारे में लोगो को बहुत कम पता है| उ डी राव(उड़पी रामचंद्रन राव/UDAPI RAMACHANDRAN RAO) उनमे से एक है| आज हमलोग इस पोस्ट में  कौन है उदापी रामचंद्रन राव जिसके google ने doodle से ट्रिब्यूट दिया?(WHO IS UDAPI RAMACHNADRAN RAO? FOR HIM GOOGLE TRIBUTE ON 10 MARCH) के बारे में जानेंगे ताकि अपने पाठको के साथ पूरी जानकारी साझा कर सके|

Udupi Ramachandra Rao (10 March 1932 – 24 July 2017) भारत के मेधावी वैज्ञानिको में से एक थे| वे भारत के स्पेस वैज्ञानिक थे और भारत के ISRO(INDIAN SPACE REASERCH ORGANISATION) के चेयरमैन थे| वे भारत के फिजिकल रिसर्च लेबोरटरी,अहमदाबाद और बेंगलौर के नेहरु प्लैनेटेरियम के चेयरमैन भी थे| वे भारत के Indian Institute for Space Science and Technology (IIST ) जो  थिरुवानान्थ्पुरम में स्थित है उनके चेयरमैन भी थे|

राव को भारतसरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया 1976 में| और सन 2017में पद्म विभूषण से सम्मानित  किया गया| राव को वाशिंगटन द्वारा SOCIETY OF SATELITE PROFESSION INTERNATIONAL द्वारा आयोजितसम्मलेन में उन्हें 19 मार्च 2013 को SATELITE HALL OF FAME से अम्मनित किया गया, एसासम्मान पाने वाले वहप्रथम भारतीय बनेउन्हें IAF(INTERNATIONAL ASTRONAUTICS FEDERATION)  द्वारा 15 मई 2016 कोसम्मानित किया गया|इतनी उंचाई पर पहुचने वाले वे प्रथम वैज्ञानिक बने भारतके तरफ से|

 

उडापी रामाचंद्रन राव का अरंभिक जीवन(STARTING DAY OF UDAPI RAMCHNDRAN RAO):

U. R. Rao  का जन्म कर्नाटक के अदाम्रू जिले में 10 मार्च 1932 को  हुआ था| इनके पिता का नाम लाक्स्मिनारायण आचार्य और माता का नाम कृष्णादेवी अम्मा थी| इसने अपनि सुरुवाती पढाई अपने गाँव के प्राथमिक विद्यालय से की जो अदाम्रू में स्थित था| राव ने अपनी आगे की पढाई एक क्रिस्चन हाई स्कूल से किया | इसने अपमे ऊँची पढाई  B.Sc, Government Arts and Science College, अनंतपुर (Anantpur), और अपनी  M.Sc. बनारस हिन्दू विस्वविद्यालय से किया|(Banaras Hindu University) और अपनी Ph.D,की पढाई  Physical Research Laboratory, अहमदाबाद से की,अपने गुरु और अपने शिक्षक डॉ विक्रम साराभाई के साथ|
आगे की पढाई के बाद उहोने काम जब करना प्रारम्भ किया,काम करते समय वे MIT के असिस्टेंट प्राध्यापक(PROFESSOR) रूप में कार्य किया| राव जब अमेरिका से अपना काम पूरा क्र चुके थे तब वह भारत लौटे और 1966में उन्होंने Physical Research Laboratory, अहमदाबाद में अप्नेपद को सम्भाला|
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उडापी रामाचंद्रन राव की जीवनी(BIOGRAPHY OF UDAAPI RAMACHNDRAN RAO):

कर्नाटक में उडुपी जिले के अडामारू क्षेत्र में जन्मे राव इसरो के सभी अभियानों में किसी न किसी तरह शामिल थे। 1960 में अपने कैरियर की शुरुआत के बाद से भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विकास में खासकर संचार और प्राकृतिक संसाधनों के सुदूर संवेदन के व्यापक उपयोगों में योगदान रहा। वे इसरो उपग्रह केंद्र के प्रथम निर्देसक  थे। 1976 से 1984 तक केन्द्र के निर्देसक के रूप में अपने कार्यकाल में, वे देश में उपग्रह प्रौद्योगिकी के विकास में उन्होंने अपना अग्रणी योगदान दिया। उन्होने 1972 में भारत में उपग्रह प्रौद्योगिकी की स्थापना के लिये ज़िम्मेदारी ली। 
 
उनके मार्गदर्शन में, 1975 में प्रथम भारतीय उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ संचार, सुदूर संवेदन तथा मौसम विज्ञान सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए 18 से भी ज़्यादा उपग्रहों की उद्घाटन किया गया। 1984 में अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग एवं सचिव,अंतरिक्ष विभाग के रूप में कार्यभार संभालने के उपरांत, उन्होने रॉकेट प्रौद्योगिकी के विकास को आगे बढ़ाया। परिणामस्वरुप ए.एस.एल.वी. रॉकेट तथा प्रचालनात्मक पी.एस.एल.वी. प्रमोचन यान जो ध्रुवीय कक्षा में 20टन श्रेणी के उपग्रहों को प्रमोचित कर सकता है का उपयोग सफलता पूर्वक किया गया। उन्होने 1991 में भू-स्थिर प्रमोचन यान जी.एस.एल.वी. के विकास एवं निम्नतापीय (क्रायोजेनिक) प्रौद्योगिकी के विकास की नीव रखी ।
 
निधन से पूर्व वे अहमदाबाद  के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के शांसकीय परिषद के अध्यक्ष थे। एम.आई.टी. में संकाय सदस्य के रूप में कार्य करने के उपरांत डल्लास के टेक्सास विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर रहे जहाँ उन्होंने कई अग्रणी तथा अन्वेषक अंतरिक्षयानों पर प्रमुख प्रयोगकर्ता के रूप में अन्वेषण किए, वे 1966 में भारत वापस लौटे और भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद के प्रोफेसर बने। उन्होने कॉस्मिक किरणें, अंतरग्रहीय भौतिकी, उच्च ऊर्जा खगोलिकी, अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं उपग्रह तथा रॉकेट प्रौद्योगिकी विषयों पर 350 से भी अधिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी लेख प्रकाशित किए हैं और कई किताबें लिखी हैं। वे 21से भी अधिक विश्वविद्यालयों से डी.एस.सी. के भी प्राप्त कर्ता है, जिनमें यूरोप का सबसे पुराना विश्वविद्यालय, बोलोगना विश्वविद्यालय भी शामिल है। 
कौन है  उदापी रामचंद्रन राव जिसके google ने doodle से ट्रिब्यूट दिया?(WHO IS UDAPI RAMACHNADRAN RAO? FOR HIM GOOGLE TRIBUTE ON 10 MARCH)

इसरो के चेयरमैन के रूप में उनका कार्य(WORK AS A ISRO CHAIRMAN):

1985 में इसरो का चार्ज अपने हाथो में लेने के बाद राव ने भारत को रोकेट के क्षेत्र में आगे बढाने के लिए रोकेट टेक्नोलॉजी के विस्तार में ज्यादा ध्यान दिया और सन 1992 में ASLV रोकेट का सफलता पूर्वक लांच किया| 1995 में  PSLV लांच वेहिकल जो लगभग 850 का वजन ढो कर अन्तरिक्ष में जा सकते थे के लिए पूरी जिम्मेदारी उन्ही की थी| राव उसके बाद रुके नहीं उन्होंने 1991 में GSLV का निर्माण में अपना योगदान दिया| जो CRYOGENIC TECHNOLOGY को अन्तरिक्ष में ले जाने में सफल हुआ| 
 
उन्ही के योगदान से उन्होंने INSAT SETELITE का निर्माण किया| INSAT SETELITE का कार्य भारत में संचार(COMUNICATION) को बेहतर बनाना था,1980-1990 के दौरान| सफल्तापूर्वक INSAT के लांच होने के बाद उनका काम था पुरे भारत में TELE COMUNICATION को बेहतर से बेहतर बनाया जाय| INSAT SETELITE के कारन ही पुरे भारत में टेलीफोन का दौर धुरु हुआ जिससे हम एक दुसरे से दूर होकर भी बात कर सकते थे| और भारत के साथ साथ हम भारत के बाहर भी दुसरे देसों में हम बाते कर सकते थे| उन्हें ANTRIX CORPORATION का पहला चेयरमैन नियुक्त किया गया| उनके योगान के कारन भारत सरकार द्वारा उन्हें 1976 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया|
 

उडापी रामाचंद्रन राव के अवार्ड(AWARD OF UDAPI RAMACHNDRAN RAAO):

उन्हें भारत से कई तरह के पुरुष्कार उनके योगदान को देखते हुए दिया गया| साथ ही साथ उन्हें अंतराष्ट्रीय मंच से भी पुरुष्कृत किया गया| उन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रौसन किया| उनके कुछ पुरुष्कार इस तरह से है:

राव के राष्ट्रिय सम्मान(U R RAO’NATIONAL AWARD)  :

  • 1975 Karnataka Rajyotsava Award
  • 1975 Hari Om Vikram Sarabhai Award
  • 1975 Shanti Swarup Bhatnagar Award in the Space science & technology field
  • 1976 PADAM BHUSHAN
  • 1980 National Design Award
  • 1980 Vasvik Research Award in the Electronic Sciences & Technology field
  • 1983 Karnataka Rajyotsava Award
  • 1987 PC Mahalnobis Medal
  • 1993 Om Prakash Bhasin Award in the Energy & Aerospace field
  • 1993 Meghnad Saha Medal
  • 1994 P.C. Chandra Puraskar Award
  • 1994 Electronics Man of the Year Award by ELCINA
  • 1995 Zaheer Hussain Memorial Award
  • 1995 Aryabhata Award
  • 1995 Jawaharhal Nehru Award
  • 1996 SK Mitra Birth Centenary Gold Medal
  • 1997 Yudhvir Foundation Award
  • 1997 Rabindranath Tagore Award of Viswa Bharati University
  • 1999 Gujar Mal Modi Award for Science & Technology
  • 2001 Nadoja Award from Kannada University, Hampi
  • 2001 Life Time Contribution Award in Engineering of INAE
  • 2002 Sir M. Visvesvaraya Memorial Award
  • 2003 Press Bureau of India Award
  • 2004 Star of India Award from Vishwabharathy Foundation, Hyderabad
  • 2004 Special Award 2004, Karnataka Media Academy
  • 2005 Bharat Ratna Rajiv Gandhi Outstanding Leadership Award
  • 2007 Life Time Achievement Award of Indian Space Research Organisation
  • 2007 Distinguished Scientist Gold Medal of the Karnataka Science & Technology Academy.
  • 2007 Vishwamanava Award by Vishwamanava Samsthe
  • 2007 A.V. Rama Rao Technology Award
  • 2008 Jawaharlal Nehru Birth Centenary Award for 2007-2008 from ISCA
  • 2017 Padma Vibhushan
 

राव के अंतराष्ट्रीय सम्मान(INTERNATIONAL AWARD OF U R RAO):

  • 1973 Group Achievement Award by NASA, USA
  • 1975 Medal of Honour by Academy of Sciences, USSR
  • 1991 Yuri Gagarin Medal of USSR
  • 1992 Allan D Emil Award on International Cooperation
  • 1994 Frank J Malina Award (International Astronautical Federation)
  • 1996 Vikram Sarabhai Medal of COSPAR
  • 1997 Outstanding Book Award of the International Academy of Astronautics for the Book Space Technology for Sustainable Development
  • 2000 Eduard Dolezal Award of ISPRS
  • 2004 Space News magazine named him as one of the Top 10 International personalities who have made a substantial difference in civil, commerce and military space in the world since 1989
  • 2005 Theodore Von Karman Award which is the highest Award of the International Academy of Astronautics.
  • 2013 Inducted into Satellite Hall of Fame by Society of Satellite Professionals International’
  • 2016 Inducted into Hall of Fame by International Astronautical Federation.
 

निधन रामचंद्रन राव की(DEATH OF UDDAPI RAMACHANDRAN RAO):

श्री राव का निधन 24 जुलाई 2017 को हृदयाघात के पश्चात लंबी बीमारी के कारण हो गया।

कुछ अंतिम सब्द उद्दापी रामचंद्रन राव के लिए:

तो ये थी भारत के मेधावी वैज्ञानिक की जीवनी इस कौन है  उदापी रामचंद्रन राव जिसके google ने doodle से ट्रिब्यूट दिया?(WHO IS UDAPI RAMACHNADRAN RAO? FOR HIM GOOGLE TRIBUTE ON 10 MARCH) मेंहमने अपने पाठको के लिए साडी जानकरी देने की कोशिस की है जिससे हमारे पठक को पूरी जानकारी मिले| 

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