गुरु गोबिंद सिंह जयंती(GURU GOBIND SINGH JAYANTI) जाने कुछ रोचक तथ्य

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लेखक :मोनू शर्मा राय

हमलोग आज महान योद्धा गुरु गोबिंद सिंह जयंती के बारे में जानेगे देखेंगे की उसके जीवन के कुछ रोचक तथ्यों का उजागर करेंगे,जिससे उनके बारे में कुछ जरुरी चीजे जन सके और कुछ सिख सके|

गुरु गोबिंद सिंह जी  सीखो के 10 वे गुरु थे| उनके पहले गोबिंद सिंह के पिता गुरु तेग बहादुर उनके गुरु थे पिता के देहांत के बाद गुरु गोबिंद सिंह उनकी गद्दी पर बेठे| गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती  के बारे में कुछ रोचक तथ्य और भारत में 2023 में कब मनाया जाता है उसके बारे में जानेगे|

 गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023:

भारत में गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023 में 20 जनवरी बुधवार को बरी धूम-धाम से सिख समुदायों और साथियों के द्ववारा मनाया जाएगा| इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है| पुरे भारत में इस दिन चाहे वह भारत के किसी भी जगह क्यों न हो,हर छोटी से छोटी जगहो पे जहा सिख समुदाय रहते है वहा के हर गुरूद्वारे में  प्रभात फेरी(रैली) निकली जाती है और पुरे दिन गुरूद्वारे में लंगर(प्रसाद) का बितरण किआ जाता है|
गुरु गोबिंद सिंह जयंती  2021 कब है? जाने कुछ रोचक तथ्य | guru gobind singh wishes in hindi...

गुरु गोबीन्द सिंह जी के सुरुवाती दिन:

सीखो के 10वे गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पोस मास के शुक्ल पक्छ की सप्तमी को 1966 में पटना साहिब (वर्तमान पटना सहर) में हुआ था| इनकी माता का नाम गुजारी और पिता का नाम गुरु तेग बहादुर था| गुरु गोबिंद सिंह जी के पहले गुरु तेग बहादुर सीखो के 9वे गुरु थे,1975 में उनकी पिता की मृत्यु(सहादत) के बाद 9वे वर्ष की आयु में पिता की गद्दी गोबिंद सिंह ने संभाली |
गुरु गोबिंद सिंह को प्यार से उनके घरवाले गोबिंद राय के नाम से बुलाते थे| बचपन से ही गोबिंद सिंह निडर और साहसी थे उन्होंने बचपन में ही अपने दोस्तों के साथं तीर-कमान,तलवार बाजी और युद्ध निति सीखते रहते थे,
वे बहुत मेधावी छात्र थे उनको हिंदी,फारसी,संस्कृत ब्रिज आदि भासा की जानकारी बहुत अछे से आती  थी सिख/(पंजाबी) भासा के साथ-साथ वो ये सारी भाषाए भी बोलते थे|

बहादुरी की मिशाल थे गुरु गोबिंद सिंह जी|

पांच कंकार की स्थापना:

सिख धर्म भारतवर्ष के सारे धर्मो में सबसे नवीनतम धर्म है| गुरु तेग बहादुर के सहादत के बाद गुरु गोबिंद सिंह ने सीखो के धर्म को आगे बढ़ाते हुए बहुत सारे काम किए | उन्होंने ही खालसा पंथ की स्थापना की,और सीखो के लिए पांच कंकार को सभी के लिए अनिवार्य किआ | वे पांच कंकार है 1.केश 2.कड़ा 3.कृपाण 4.कंघा 5.कच्छा |
उन्होंने ही प्रत्येक व्यक्ति के लिए कृपाण या श्री साहिब धारण करने को कहा|
उन्ही के द्वारा प्रयोग किआ गया था पहली बार खालसा वाणी: वाहे गुरु जी की खालसा,वाहेगुरु जी की फ़तेह |  
 

गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023 की सुभकामनाए एवं बधाईया:

1.  सवा लाख से एक लाराऊ
     चिरियो से मई बाज तराऊ
     तबे गोबिंद सिंह नाम कहाऊ
     हैप्पी गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023 |
2. आप और आपके पुरे परिवार को
    धन धन श्री गोबिंद सिंह जी के प्रकास पर्व
    की बहुत बहुत बधाईया एवं सुभकामनाए
    हैप्पी गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023|
3. वाहे गुरु जी की खालशा
    वाहे गुरु जी की फ़तेह |
    हैप्पी गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023|
4.  मनुष्य का मनुष्य से प्रेम ही इश्वर की भक्ति है,
     जरुरत मंद लोगो की मदद करे
     गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2021 की हार्दिक बधाईया|
5.आशीर्वाद मिले आपको गुरु का,
   जिंदगी बने आपकी निराली,
   आप पर गोबिंद सिंह की कृपा हो,
   और हर घर में चे खुशहाली,
    हैप्पी गुरु गोबिंद सिंह जयंती|
6. भए कहू को देत नहीं,
     नहीं भए मानत आन
     हैप्पी गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2023|
गोबिंद सिंह सीखो के अंतिम जीवित गुरु थे उन्होंने सिख धर्म को पूरी सिद्दत से रक्चा की| उन्होंने  धर्म के लिए पुरे परिवार का बलिदान दे दिया था| उनके दो पुत्र थे जिन्हें जिन्दा दीवारों में चुनवा दिया गया था | गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु 1908 में हुई,उनके बाद गुरु ग्रन्थ सहाब सीखो के स्थाई गुरु बना ड़ी गए|

गुरु गोबिंद सिंहजुरे कुछ अंतिम शब्द:

तो यह थी वह पोस्ट जिसमे हमने गुरु गोबिंद सिंह जयंती  2023 कब है? जाने कुछ रोचक तथ्य  से जूरी हर जनकारी अपने पाठको को देने की कोशिश की है जिससे हमारे पाठको को किसी दुसरे आर्टिकल में जाने की जरुरत न परे| और गुरु गोबिंद सिंह से जूरी हर जानकारी हमारी इस पोस्ट में उन्हें मिल सके|

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