भारत में कितने प्रकार के राशन कार्ड होते है? / how many type of ration card in india?

लेखक:गुड्डू राय

राशन कार्ड भारतीय नागरिक के लिए एक जरूरी दस्तावेज के रूप में जाना जाता है किंतु राशन कार्ड से कई प्रकार की जरूरी चीजों का अंजाम दिया जा सकता है जैसे अगर कभी जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है तो राशन कार्ड से भी काम चल जाता है

क्या आपको पता है भारत में कितने प्रकार के राशन कार्ड होते हैं हाउ मेनी टाइप्स ऑफ राशन कार्ड इन इंडिया अगर आपका उत्तर नहीं है तो यह पोस्ट आपके लिए है क्योंकि इस पोस्ट में हम राशन कार्ड से जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारी को आपसे साझा करेंगे ताकि हमारे पाठकों को किसी दूसरे आर्टिकल में जाने की जरूरत ना पड़े एवं राशन कार्ड से जुड़ी सारी जानकारी उन्हें इस आर्टिकल में आसानी से प्राप्त हो जाए

राशन कार्ड क्या है इसका मतलब क्या होते हैं

नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत राशन कार्ड का कानून आता है इसे भारत सरकार ने प्रत्येक राज्य को अपनी जिम्मेदारी पर अनुमति दे दी गई है

राशन कार्ड एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट के रूप में जाना जाता है जिसे राज्य सरकार अपने नागरिकों के लिए अनिवार्य किया गया है जिसकी सहायता से राज्य के आम नागरिक सरकार द्वारा निर्धारित सबसे subsidised rate मैं अनाज की आपूर्ति अपने घरों के लिए कर सकते हैं हम

यह कानून प्रत्येक राज्य के आम नागरिकों के लिए अनिवार्य हैं जिसके तहत आम लोग कम दामों में अनाज घर ले जा सकते हैं

भारत में कितने प्रकार के राशन कार्ड होते है? / how many type of ration card in india?

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राशन कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज क्या-क्या होते हैं

सबसे पहले हमें राशन कार्ड के लिए खाद्य विभाग मैं अप्लाई करनी होती है जिसके तहत हमें कई नियमों से होकर गुजरना पड़ता है जिनमें हमें भी कुछ जरूरी दस्तावेजों के जरिए आवेदन करनी पड़ती है कुछ प्रक्रिया के बाद वह राशन कार्ड बंद कर हमारे घर पहुंचा दी जाती है

राशन कार्ड के जरूरी दस्तावेज

राशन कार्ड के लिए किन-किन जरूरी दस्तावेजों का जरूरत होता है इनके लिस्ट नीचे दिए गए हैं

  • आवेदन कर्ता के पासपोर्ट साइज की तीन फोटो
  • आधार कार्ड की फोटो कॉपी
  • पैन कार्ड की फोटो कॉपी
  • Driving licence
  • वोटर आईडी कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र
  • टेलीफोन बिल जो आवेदन करता के नाम पर आती है
  • आवेदन कर्ता के नाम पर एलपीजी कार्ड हेतु
  • MANREGA कार्ड की फोटो कॉपी

अतः इन सब दस्तावेजों के द्वारा हम राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं

भारत में राशन कार्ड की व्यवस्था कब से शुरू की गई

भारत सरकार द्वारा सन 1997 में गरीबों को मध्य नजर रखते हुए एक लक्ष्य को निर्धारित किया जिसके अंतर्गत भारत सरकार ने या निश्चय किया कि भारत के हर गरीब के घर में हर दिन खाना बन सके एवं उन्हें कम पैसे में राशन मुहैया कराया जाए

इसके तहत टीपीडीएस अर्थात लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के द्वारा राशन कार्ड का प्रस्ताव पास किया गया एवं इसका शुभारंभ किया गया

2021 में राशन कार्ड के नियम

पहले जिस प्रकार राशन कार्ड को बनाया जाता था अभी हाल ही में 2021 में उसके बनाने की नियम में काफी सारे बदलाव किए गए हैं आइए देखते हैं इन बदलाव हो

  • जो भी नागरिक राशन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहता है वह भारत का नागरिक होना चाहिए
  • आवेदन कर्ता की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए यानी मिनिमम 18 वर्ष जरूरी है
  • अगर परिवार का कोई सदस्य 18 वर्ष से कम है तो उनके माता पिता के राशन कार्ड में उनका नाम रहेगा वह अलग से आवेदन नहीं कर सकता
  • परिवार के मुखिया के नाम पर राशन कार्ड बनेगा एवं परिवार के सभी सदस्यों के नाम राशन कार्ड में लिखित तौर पर रहेगा यानी हर सदस्य के लिए अलग-अलग राशन कार्ड की जरूरत नहीं है
  • जिन भी सदस्य का नाम राशन कार्ड में डाला जाएगा उनका परिवार के मुखिया के साथ नजदीकी संबंध रहना जरूरी है
  • एक आवेदन करता एक ही राज्य में राशन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है अर्थात एक व्यक्ति के दो राज्य में दो अलग-अलग राशन कार्ड नहीं हो सकते
  • आवेदन करता के आवेदन करने के बाद सर्वे के दौरान यह निर्धारित किया जाता है कि उनका राशन कार्ड बीपीएल की श्रेणी में आएगा या एपीएल की श्रेणी में या अन्नपूर्णा राशन कार्ड की श्रेणी में डाला जाएगा
  • आवेदन कर्ता के आवेदन के उपरांत सर्वे के दौरान अगर किसी भी प्रकार के गैर कानूनी कार्य उन अधिकारियों के सामने प्रकट हुई तो व्यक्ति का राशन कार्ड हमेशा के लिए निरस्त कर दिया जाएगा अर्थात वह किसी भी प्रकार से राशन कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे
  • किसी भी व्यक्ति को बीपीएल कार्ड के श्रेणी में आने के लिए उन्हें बीपीएल की सूची में होना अनिवार्य है अर्थात गरीबी रेखा के नीचे होना अनिवार्य है तभी उनका नाम बीपीएल की श्रेणी में आ सकते हैं

दोस्तों हम आपको बता दें बीपीएल की श्रेणी अत्यंत गरीबी रेखा के नीचे वाले व्यक्तियों के लिए हैं जिन्हें भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं अतः इन लाभों को पानी के लिए कई लोग गैर कानूनी रूप से बीपीएल राशन कार्ड के लिए आवेदन करते हैं जो कि गैरकानूनी है अगर सर्वे के दौरान उस व्यक्ति के विरोध में किसी भी प्रकार की दस्तावेज सर्वे में गए हुए अधिकारी के पास पहुंच जाएं तो उन्हें कठिन से कठिन सजा भी मिल सकती हैं

राशन कार्ड के प्रकार

भारत में हर वर्ग के लिए अलग-अलग राशन कार्ड की आवश्यकता की गई है जिनमें अलग-अलग प्रकार के सहायता प्रदान की जाती है

भारत में 4 प्रकार के राशन कार्ड पाए जाते हैं

  • नीले रंग का राशन कार्ड
  • गुलाबी रंग का राशन कार्ड
  • सफेद रंग का राशन कार्ड
  • अन्नपूर्णा योजना राशन card

नीले रंग का राशन कार्ड किस श्रेणी में आता है

गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों को पिया कार्ड मुहैया कराया जाता है अतः या काट विभिन्न राज्यों के हिसाब से अलग-अलग रंग के हो सकते हैं किसी राज्य के नीले या किसी राज्य के हारे अथवा पीले रंग के भी हो सकते हैं

ग्रामीण क्षेत्र में जिस व्यक्ति की इनकम ₹6400 प्रतिवर्ष होती है एवं शहरी क्षेत्र में जिस व्यक्ति की इनकम सालाना 11850 से कम होती है उन्हें नीले रंग के राशन कार्ड वाले श्रेणी में रखा जाता है

या कार्ड विभिन्न प्रकार के लाभ को भी व्यक्ति को प्रधान कराता है ऐसे परिवारों को जिनके घरों में एलपीजी कनेक्शन नहीं होती है उन्हें सब्सिडी के रूप में खाद्य प्रणाली एवं केरोसीन मुफ्त में प्रदान की जाती है

गुलाबी रंग के राशन कार्ड को किस श्रेणी में रखा गया है

यह कार्ड उन परिवारों को मुहैया कराए जाते हैं जिनकी कुल वार्षिक आय गरीबी रेखा के ऊपर मानी गई है अर्थात जिन परिवारों की कुल वार्षिक आय ₹6400 से ऊपर एवं शहरी क्षेत्र में ₹11850 से ऊपर है उन्हें गुलाबी राशन कार्ड मुहैया कराए जाते हैं यह व्यक्ति सब्सिडी वाले खाद्य पदार्थों को ले सकते हैं

सफेद राशन कार्ड को किस श्रेणी में रखा जाता है

यह कार्ड उन परिवारों को मुहैया कराया जाता है जो परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं हम जिन्हें सब्सिडी एवं अन्य सेवाओं की आवश्यकता नहीं होती है

ऐसे परिवारों के लिए सफेद राशन कार्ड बनवाया जाता है जिन्हें एपीएल की श्रेणी में रखा जाता है और केवल पहचान पत्र के लिए इनका उपयोग किया जाते हैं

अन्नपूर्णा योजना कार्ड को किस श्रेणी में रखा जाता है

यह कार्ड भारत के सबसे गरीब परिवारों को मुहैया कराई जाती है जिसके पास आय का स्त्रोत नहीं है एवं जो सालाना अलग-अलग धनराशि कमाते हैं ऐसे श्रेणी में मजदूर बुजुर्ग एवं बेरोजगार व्यक्ति शामिल होते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब होती है

आर्थिक रूप से देखा जाए तो इनकी औसत पारिवारिक आए 250 प्रति महीने होती है अर्थात इन लोगों को ₹3 प्रति किलो चावल एवं 35 किलोग्राम सहित अन्य सामग्रियों की सब्सिडी दी जाती है सरकार द्वारा|

राशन कार्ड के उपयोग एवं फायदे

भारत में राशन कार्ड को एक प्रमुख दस्तावेज के रूप में माना जाता है जिसका इस्तेमाल कई कार्य में किया जाता है ज्यादातर उन ऑफिशियल कामों में ज्यादा मात्रा में इनका प्रयोग किया जाता है अतः इनके उपयोग एवं फायदे निम्न है

  • सरकारी राशन दुकान मैं खाद्य पदार्थ जैसे गेहूं चावल शक्कर एलपीजी केरोसिन आदि खरीदने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है
  • बैंक अकाउंट खोलने के लिए
  • स्कूलों एवं कॉलेजों में
  • पैन कार्ड बनवाने में
  • मतदान कार्ड का वोटर आईडी बनाने के लिए
  • मोबाइल के सिम कार्ड खरीदने के लिए
  • आधार कार्ड बनवाने के लिए
  • ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए
  • वाईफाई ब्रॉडबैंड अथवा लैंडलाइन कनेक्शन लेने के लिए
  • पासपोर्ट बनाने के लिए
  • एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए
  • Life Insurance अथवा Health Insurance के क्षेत्र में

इन सभी गाड़ियों में राशन कार्ड का उपयुक्त प्रयोग किया जाता है

राशन कार्ड के प्रकार के निष्कर्ष

तो यह थी हमारी पोस्ट जिसमें हमने भारत में कितने प्रकार के राशन कार्ड होते हैं हाउ मेनी टाइप्स ऑफ राशन कार्ड इन इंडिया की पूरी जानकारी आपको हमने इस पोस्ट में दी है जिससे हमारे पाठकों को पूरी से पूरी जानकारी मिल सके

इस पोस्ट में हमने अपने पाठकों के लिए राशन कार्ड के प्रकार से जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारी देने की कोशिश की है जिसे हमारे पाठकों को किसी दूसरे आर्टिकल में जाने की जरूरत ना पड़े एवं राशन कार्ड से जुड़ी हर जानकारी जैसे राशन कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज राशन कार्ड के प्रकार राशन कार्ड के नियम राशन कार्ड के फायदे आदि हर सवाल का जवाब इस पोस्ट में मिल सके

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